Petrol Hike – Highlights of the Press Briefing by Shri R.P.N. Singh, Spokesperson, AICC

ALL INDIA CONGRESS COMMITTEE

24, AKBAR ROAD, NEW DELHI
COMMUNICATION DEPARTMENT
HIGHLIGHTS OF THE PRESS BRIEFING: 15 OCTOBER, 2018
Shri R.P.N. Singh, Spokesperson, AICC addressed the media at AICC Hdqrs.

श्री आर.पी.एन. सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबने देखा कि प्रधानमंत्री ने आज 40 तेल कंपनी के अधिकारियों को बुलाया, उसमें क्या निर्णय हुआ, क्या नहीं हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं मिली, परंतु एक महीने से प्रधानमंत्री पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अपनी चिंता जता रहे हैं।

अफसोस की बात है कि प्रधानमंत्री जी को तभी तेल, पेट्रोल और डीजल की याद आती है, जब-जब चुनाव आते हैं। पिछले दो-तीन साल से तेल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, पंरतु प्रधानमंत्री को कोई चिंता नहीं होती। चिंता कब होती है, जब किसी प्रांत में चुनाव आते हैं। देश के प्रधानमंत्री का कर्तव्य होता है कि वो देश के बारे में सोचे। दुखद है कि प्रधानमंत्री का कार्यालय सिर्फ यह चिंता करता है कि भाजपा किस तरह चुनाव जीते, किस तरह लोगों को गुमराह करने के लिए जुमलों के सहारे उस बड़े ओहदे का इस्तेमाल किया जाए। आप सबको याद है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कितनी बार कमी आई। पिछले साढ़े चार सालों में पेट्रोल और डीजल का दाम कब-कब और क्यों गिराया गया था, पिछले वर्ष क्यों कम किया, क्योंकि गुजरात का चुनाव था। तो 2 रुपए उन्होंने घटा दिए, उसके बाद कर्नाटक के चुनाव आए तो 17 दिन तक पेट्रोल के दामों में, डीजल के दामों की वृद्धि में रोक लगा दी। और जैसे ही कर्नाटक का चुनाव समाप्त हुआ, लगातार प्रधानमंत्री जी ने फिर से तेल, पेट्रोल, डीजल के दामों में भारी इजाफा किया।

अब जब पाँच प्रांतों में चुनाव आए हैं तो प्रधानमंत्री जी ने कुछ दिन पहले डेढ़ रुपया फिर से तेल का दाम घटाया। सिर्फ 9 दिनों में उस कटौती को बराबर कर वापस उसी रेट पर पेट्रोल और डीजल को ले आए। तो क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर प्रधानमंत्री को तभी चिंता होती है, जब देश मे चुनाव होते हैं। किसानों की बात करते हैं, नौजवानों की बात करते हैं, ट्रेड की बात करते हैं, ट्रांसपोर्ट की बात करते हैं, आम आदमी की बात करते हैं, तो उनकी चिंता उनको चुनाव के इलावा किसी और समय कभी क्यों नहीं सताती? वे समझते हैं कि जब चुनाव आएंगे तो पेट्रोल और डीजल के दाम पर चर्चा कर लेंगे तो लोग बहल जाएंगे और उनका जो दर्द, जो तकलीफ और बढ़ती कीमतों से किसान परेशान, हैरान है, आम आदमी हैरान, परेशान है, जो मोटर साईकिलों पर, जो स्कूटरों पर चलते हैं, जो अपने बच्चों को रोजाना स्कूल छोड़ने जाते हैं, जो अपने दफ्तर जाते हैं, वास्तव में जिनकी चिंता उनको बिल्कुल ही नहीं है, उनको फुसला लिया जाएगा। 9 दिनों पहले उन्होंने डेढ़ रुपया कम किया, अरुण जेटली जी ने लंबी प्रेस वार्ता करके कहा कि प्रधानमंत्री जी को बड़ी चिंता है, डेढ़ रुपया उन्होंने काट लिया। एक हाथ से दिया और 9 दिन के अंदर ही दूसरे हाथ से उन्होंने वापस ले लिया और साफ तौर से आपको बताना चाहता हूं कि एक तेल के बैरल का दाम कितना होता है। इन 9 दिनों में बैरल पर 5 डॉलर की कमी आई है। उसके बावजूद डीजल में 9 दिनों में 2 रुपया 51 पैसे बढ़ गए हैं और पेट्रोल में 1 रुपया 22 पैसे, 9 दिनों में इस सरकार ने बढ़ाने का काम किया है। जबकि कच्चे तेल का दाम पाँच डॉलर प्रति बैरल 9 दिनों में गिरा है।

सिर्फ एक आंकड़ा मैं आपको बताना चाहता हूं कि ये लोग कहते हैं कि यूपीए सरकार ने कुछ नहीं किया। 16 मई, 2014 को जब इनकी सरकार आई थी तो एक बैरल का दाम 107.09 डॉलर था और डीजल का दाम 55.49 रुपए प्रति लिटर। आज दिल्ली के रेट की मैं बात कर रहा हूं, आज एक बैरल का दाम 86 डॉलर और डीजल का दाम है, 75.46 पैसे प्रति लिटर। तो आप खुद अंतर देख सकते हैं और देशवासी जान सकते हैं कि जितना ये प्रधानमंत्री जी या हमारे पेट्रोलियम और वित्त मंत्री के बयान आते है कि ये सरकार के हाथ में नहीं है। ये आंकड़े आपके सामने मैंने पेश किए हैं, ये साफ तौर से दिखाते हैं कि इस सरकार को सिर्फ चुनाव जीतने से मतलब है। पर देश की जनता, देश के लोग इनका खिलवाड़, इनका मजाक और लोगों का मजाक बनाना, पूरी तरह समझ चुके हैं और इनकी पूरी पोल खुल चुकी है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के दाम गुजरात चुनाव के समय घटे। कर्नाटक के समय में 17 दिन तक बढ़ोतरी बंद कर दी गई और अब 5 राज्यों के चुनाव आए हैं, तो फिर से 9 दिन पहले इन्होंने नाम मात्र के लिए दाम घटाए।

हम प्रधानमंत्री जी से फिर कहते हैं और दोहराते हैं, कांग्रेस की पुरानी मांग रही है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाना चाहिए और किसानों को, मिडिल क्लॉस को, आम आदमी को तत्काल कीमतों में राहत मिलनी चाहिए। देश के लिए, किसानों के लिए अब सबसे ज्यादा डीजल की जरुरत है। उधर गन्ना गिराना है, इधर धान की कटाई हो रही है, इधर बुआई कई चीजों की होने जा रही है और इन 9 दिनों में सबसे ज्यादा किस चीज में बढ़ोतरी होती है, डीजल में। तो क्या इसी से देश का भला होगा, किसानों का भला होगा और क्या इसी से किसानों की आय दोगुनी होगी? और ये जो रोज मीटिंग प्रधानमंत्री जी एक महीने से कर रहे हैं, क्या ये लोगों को ये दिखाना चाहते हैं कि कितनी चिंता है? तो इतने सालों तक आप रोज दाम बढ़ाते रहे, 13 लाख करोड़ रुपए सिर्फ पेट्रोल व डीजल पर टैक्स के माध्यम से इस केन्द्र सरकार ने आम आदमी की जेब से निकाल लिए हैं। वित्त मंत्री कहते हैं कि हमारा डॉयरेक्ट कलेक्शन बढ़ गय़ा है, तो सरकार में सबकुछ ठीक है। तो उस फिगर का 13 लाख करोड़ जो आम आदमी का है वो पैसा क्यों आम आदमी और गरीब किसान को लौटाने का काम ये सरकार नहीं करती है?

एक प्रश्न की क्या पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आप पीएमओ पर आरोप लगा रहे हैं, श्री सिंह ने कहा कि नहीं, हम आरोप नहीं लगा रहे हैं। अब ये पूरा देश देख चुका है। ऐसा क्यों है कि जब आज पांच राज्यों के चुनाव आए हैं तभी प्रधानमंत्री पिछले एक महीने से तेल कंपनियों से बैठक करने लगे हैं और ये सैंक्शन और वो सैंक्शन और कितनी उनको तकलीफ है। इतने सालों से दाम बढ़ रहे थे, प्रधानमंत्री जी को तब चिंता नहीं हो रही थी और ऐसा क्यों है कि जब गुजरात के इलेक्शन आए, तब उन्होंने घटाया। जब कर्नाटक के चुनाव आए, तब 17 पैसे घटाए। 17 दिन तक दाम नहीं बढ़ने दिए और आज पांच राज्यों के चुनाव के समय में, एक हाथ से दिए और नौ दिन में दूसरे हाथ से वापस ले लिए। तो ये क्या समझते हैं? देश की जनता को क्या इसी तरह बहलाएंगे? क्या देश की जनता को ये क्या बताना चाहते हैं कि हम सब मूर्ख हैं क्या?

केन्द्र सरकार के द्वारा पेट्रोल – डीजल पर टैक्स कलैक्शन से 13 लाख करोड़ रुपए कमाए जाने से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री सिंह ने कहा कि हम सरकार से सीधे तौर से पूछते हैं कि इस पैसे का हिसाब ये सरकार किसको दे रही है? हिसाब की बात है तो हम यह तो जान ही रहे हैं, ये पैसे किन-किन को दे रहे हैं। ये तो आपने साफ तौर से देख ही लिया है कि ये पैसा उन चंद उद्योगपतियों की जेब में जा रहा है। वो राफेल के लड़ाकू जहाज से हो या हैं बैंको के लोन माफ करने की बात हो तो 20-25 बड़े उद्योगपतियों के लोन माफ किए जा रहे बैंकों के माध्यम से। किसानों का भी तो लोन माफ कर दीजिए। कुछ बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए तो कुछ काम कर लीजिए।

श्री शशि थरुर द्वारा अयोध्या मुद्दे पर दिए गए कथित बयान से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री सिंह ने कहा कि देखिए, मैंने उनका बयान देखा नहीं है। उनका जो भी बयान होगा निजी है, क्योंकि कांग्रेस का इस पर साफ मानना है और उस बयान को मैं फिर से दोहरा देता हूँ। जहाँ तक इस मुद्दे का मसला है, इस समय न्यायालय में इसकी सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय इस मुद्दे पर लेगा, वो सबके लिए सर्वोपरि होगा।

On a question about Dr Shashi Tharoor’s comments on the Ayodhya issue, Shri R.P.N. Singh said I have not heard his statement. He has clarified that whatever he said has said that in his personal capacity. As far as the issue is concerned, we have a clearly stated position. We have stated that over and over again, and I state that again. This issue is in court, the court will be hearing this issue. Whatever is the verdict, everybody will have to follow the same.

केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री श्री एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर मानहानि का केस दर्ज किया है, क्या कहेंगे, श्री सिंह ने कहा कि अफसोस की बात है कि कल श्री आनंद शर्मा जी ने इस पर विस्तृत जानकारी आप सबको दी थी कि प्रधानमंत्री के कैबिनेट के एक व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगते हैं और एक व्यक्ति ने नहीं, 14 महिलाओं ने एक मंत्री पर आरोप लगाए हैं और ऐसे लोग हैं जो एक-दूसरे से कहीं से भी जुड़े हुए नहीं है। हम प्रधानमंत्री जी से साफ तौर से पूछना चाहते हैं कि इस मसले पर आपकी क्या सोच है? आपके क्या विचार है? जो महिलाएं उत्पीड़ित हुई हैं, उनके लिए आपके पास कहने के लिए क्या है? अफसोस है कि हमने उत्तर प्रदेश में देखा, एक भाजपा के विधायक पर गंभीर आरोप बलात्कार का लगता है। न तो उस व्यक्ति को पार्टी से निकाला जाता है न प्रधानमंत्री उस पर कुछ कहते हैं। उसी तरह बिहार के शेल्टर होम में जो बच्चियों के साथ हुआ, देवरिया के शेल्टर होम में जो बच्चियों के साथ हैवानियत हुई। इसी तरह से तमाम मसले जो बच्चियों पर, बेटियों पर, हमारी बहनों पर हुए हैं, प्रधानमंत्री ने एक बार भी एक शब्द नहीं कहा, ट्वीट तक नहीं किया। दूसरी ओर प्रधानमंत्री जी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं।

क्या ये जो मंत्री जी ने आज केस दर्ज किया है, हमारा साफ तौर से प्रधानमंत्री जी से सवाल है कि क्या इसके पीछे आपका हाथ है और इसके पीछे जो दुखद चीज है, ये कहना कि ये राजनीति से प्रेरित है, 14 ऐसी महिलाएं, जो अलग-अलग हैं, एक-दूसरे से कनेक्ट तक नहीं हैं और बड़ी हिम्मत कर आगे आई हैं। कई तो ऐसी लड़कियाँ हैं जो बहुत कम उम्र की थी, उन पर मानसिक रुप से क्या दुख और आघात उस समय हुआ होगा और किस हिम्मत और साहस के साथ आज उन्होंने अपनी बात कही और जो उत्पीड़न हुआ वो बताया। आज देश के प्रधानमंत्री उस पर कुछ बोले तक नहीं और बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाने की बात करते हैं। आज जब हमारी बच्चियों के साथ, बेटियों के साथ इस तरह की हैवानियत हो रही है, हम प्रधानमंत्री जी से सवाल पूछते हैं कि अगर आप महिलाओं के साथ हैं तो महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाएंगे, इसका जवाब देश की महिलाओं को प्रधानमंत्री जी को अवश्य देना होगा। हम उनको मजबूर करेंगे कि हमारी बच्चियाँ हों, महिलाएं हों, बहनें हैं, उन पर इस तरह के अत्याचार होते हैं तो प्रधानमंत्री जी का कर्तव्य बनता है कि उस पर कुछ कहें।

On a question about the allegations against Shri M.J. Akbar and his defence in the same matter, Shri R.P.N. Singh said– I have already explained that, it is extremely unfortunate. The question Mr. Anand Sharma has, in his Press Conference, stated the Congress position. We would like to ask the Prime Minister on which side does he stand? These are 14 women who have come out and with the harrowing experiences that they have gone through. They are all women who are not connected to each other; I have all full sympathy and I give them full marks for coming out of this ordeal and bringing this matter in the public. We have heard today that a defamation case has been filed against these women. We would like to ask the Prime Minister; does he support that defamation case? He has to make his stand absolutely clear because we have seen earlier, be it in the case of a BJP MLA being involved in a rape case against a girl in his constituency, the UP Chief Minister trying to save him, the Prime Minister has not sacked that MLA. The Prime Minister has not uttered a word in that incident. We saw the kind of horrific incidents that took place in the Bihar Shelter Home, in the Deoria Shelter Home; the Prime Minister has not uttered a word.

edn has to ledfH ;;;;It is the Prime Minister’s duty to stand up for the rights of women of this country. While our children, while our daughters, while our sisters are getting abused and humiliated, and with great courage they step out and the Prime Minister remains silent and he comes out with a slogan “Beti Padao, Beti Bachao”? Where will our children, where will our young daughters and sisters remain in this country when the Prime Minister has no support, has no voice to give to them? We ask the PM today, that he has to speak up. Where does he stand on these matters?

एक अन्य प्रश्न पर कि आज पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के संग्राहलय, तीन मूर्ति भवन के प्रांगण में भूमि पूजन किया गया है, क्या कहेंगे, श्री सिंह ने कहा कि अफसोस की बात है कि इस सरकार ने जो वायदे साढ़े चार साल पहले देश के सामने किए थे, उनपर कोई कार्य नहीं हो रहा। दूसरी ओर पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की विरासत को, इस देश को बनाने के लिए उनके महान योगदान को समाप्त करने की कोशिश में साढ़े चार साल से ये सरकार लगी हुई है। अफसोस की बात है कि इस देश को बचाने में, इस देश को स्वतंत्र कराने के लिए कई वर्षों तक जो जेल में रहे हों, जिनकी स्वतंत्रता संग्राम में एक अग्रणी भूमिका रही, जिन्होंने इस देश को महान बनाने की नींव रखी, इस सरकार को इस समय सिर्फ यही लगा हुआ है कि किस तरह से उनकी विरासत को समाप्त कर दें। पर उनकी विरासत इतनी बड़ी है कि ये सरकार उसको समाप्त करने की बात तो दूर है, उसको छू भी नहीं पाएगी।

एक अन्य प्रश्न पर कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया था और अब कमलनाथ जी पर आरोप लगाया है, क्या कहेंगे, श्री सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जी जब अमेरिका गए थे, तो उन्होंने बयान दिया था कि मध्यप्रदेश में आईए और मध्यप्रदेश की सड़कें अमेरिका से भी अच्छी हैं। किस चीज का विकास देखें, व्यापम का विकास देखें या बच्चियों के साथ जो उत्पीड़न हो रहा है और महिलाओं को लेकर सबसे खराब ट्रेक रिकोर्ड अगर देश में कहीं है तो वो मध्यप्रदेश का है। वो अपने बारे में बात बताएं, 15 साल से जो लूट मची है, मध्यप्रदेश में, किसानों के ऊपर गोलियां बरसाई जा रही हैं, लाठियाँ बरसाई जा रही हैं, किसानों के कपड़े उतार कर पीटने का काम इस शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने किया है और वो हमसे सवाल पूछ रहे हैं। 15 साल तक सत्ता में रहे हैं, कुछ बोलने के लिए नहीं रहा और अमेरिका में बयान दिया था कि हमारी सड़के अमेरिका से भी बेहतर हैं, क्यों नहीं वो लोगों को दिखाते हैं, तो वो तो ऐसे ही चुनाव जीत जाएंगे जैसे उनका बयान आया है। व्यापम घोटाले के बारे में मध्यप्रदेश के लोगों को उनको बताना चाहिए, जो लूट मध्यप्रदेश में उनके कार्यकाल में हुई थी, उसका जवाब शिवराज सिंह चौहान जी क्यों नहीं दे पा रहे हैं?

एक अन्य प्रश्न पर कि उत्तर प्रदेश में कुम्भ का नाम बदलने पर राजनीति हो रही है, क्या कहेंगे, श्री सिंह ने कहा कि हमारा साधारण सा एक सवाल उत्तर प्रदेश की सरकार से है कि नाम कई बदले गए, परंतु विश्वास, विकास की बातें क्यों नहीं करते हैं। इस देश में तमाम जगहों के नाम बदले गए हैं, हमारे बगल में गुंडगांव है, उसका नाम गुरुग्राम कर दिया है, पर हरियाणा के गुरुग्राम की क्या हालत है, ये आप भी जानते हैं। नाम बदलने से कोई तरक्की नहीं होती है। प्रधानमंत्री जी बनारस को क्योटो बनाने का दावा कर रहे थे, तो क्या क्योटो बन गया है? जो गंगा के लिए लड़ाई लड़ रहे थे, जब प्रधानमंत्री जी पहली बार चुनाव लड़ने के लिए बनारस गए थे, तो कहा था कि गंगा माँ ने मुझे बुलाया है। अब तो देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं, लेकिन एक बार भी उन्होंने गंगा मैया के लिए कोई काम नहीं किया है। जो हमारे वहाँ प्रो. जी.डी. अग्रवाल साहब, जो 100 दिन से ज्यादा अनशन पर बैठे हुए थे, अनशन के दौरान ही उनकी मौत हो गई, उसी गंगा मैया को साफ करवाने के लिए, प्रधानमंत्री जी उस पर कुछ नहीं कहते हैं। तो नाम बदलते रहते हैं, पर जो वायदे इस सरकार ने, केन्द्र सरकार ने, उत्तर प्रदेश की सरकार ने किए थे, उस पर तो कुछ करना चाहिए। नाम तो कई बदले पर लोगों की जिंदगी को बदलने के जो इन्होंने सपने दिखाए थे, वो कब साकार होंगे।

Sd/-
(Vineet Punia)
Secretary
Communication Deptt.
AICC